देहरादून की वादियों और यहाँ के मास्टर प्लान के साथ खिलवाड़ करने वालों की अब खैर नहीं है। राजधानी के विकास की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग यानी MDDA (मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण) से एक ऐसी खबर आई है, जिसने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
एक 11 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि कैसे पूर्व मे रहे एक ऊंचे पद पर बैठे इंजीनियर ने अपनी कलम की ताकत का इस्तेमाल नियमों को कुचलने के लिए किया है।

मामला बेहद गंभीर है। सचिव मोहन सिंह बर्निया द्वारा अपर सचिव आवास को प्रेषित हस्ताक्षरित इस रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन सहायक अभियंता प्रशांत कुमार सेमवाल ने ‘घोर लापरवाही’ बरतते हुए नियमों के विपरीत चार बड़े नक्शों को मंजूरी दे दी।
जांच समिति ने पाया कि जिन प्रोजेक्ट्स को ड्राफ्ट्समैन और लेखपाल ने गलत बताया था, उन्हें भी साहब ने ‘ओके’ कर दिया।
सेमवाल जी आलीशान इंजीनियर जो ठहरे …
*इन 4 नक्शों में हुआ खेल*

*वीरेश जैन (नक्शा C-324/21)*
यहाँ सड़क की चौड़ाई मात्र 9 मीटर थी, जबकि कमर्शियल निर्माण के लिए 18 मीटर चाहिए थी। नदी किनारे के नियमों को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
पार्किंग के लिए तय नियमों को पूरी तरह बदल दिया गया। सेटबैक में अवैध रूप से पार्किंग दिखाकर नक्शा पास करा लिया गया।

*अर्चना जैन (नक्शा C-0101/22-23)*
यहाँ ऊंचाई की सीमा 21 मीटर थी, लेकिन इंजीनियर साहब की मेहरबानी से 24 मीटर की ऊंचाई को मंजूरी दे दी गई।
*विजय कुमार (नक्शा C-0061/20-21)*: यहाँ न सीवेज प्लांट (STP) का अता-पता था और न ही पेड़ों की कटान की सही जानकारी, फिर भी कागजों पर सब ‘हरा-भरा’ दिखा दिया गया।
*मानचित्र संख्या- ओ०सी-0113/21-22 श्री हिमेन्द्र सिंह रावत*
रिपोर्ट के पेज नंबर 11 पर साफ लिखा है कि यह सिर्फ एक चूक नहीं, बल्कि “जानबूझकर की गई लापरवाही” है। सेमवाल ने उत्तर प्रदेश प्राधिकरण केंद्रीय सेवा नियमावली, 1985 की धज्जियां उड़ाईं और उच्चाधिकारियों को गुमराह किया।
*हैरानी की बात यह है कि आरोपी इंजीनियर की पुरानी फाइलें अब उसके गले की फांस बन गई है,* वर्तमान में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में तैनात हैं, और यहां भी उसके काले कारनामों की पूरी फेहरिस्त है।

MDDA सचिव ने इस पूरे मामले में इंजीनियर प्रशांत कुमार सेमवाल के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की हुई है
*अब देखना यह होगा कि सचिव आवास डॉआर राजेश कुमार इस कालनेमी इंजीनियर को कब तक बर्खास्त करते है*
*और इसके द्वारा पास किए गए सभी नक्शों की उच्च स्तरीय जांच के लिए गठित करते है ……*

