सिंचाई विभाग से प्रतिनियुक्ति पर आये शैलेंद्र रावत की अवधि दिसंबर 2024 में समाप्त हो गई थी लेकिन अपने धन बल के ज़ोर पर MDDA में खबर प्रकाशित होने तक भी काम कर रहा है और सभी मलाई वाले सेक्टर देख रहा है, सचिव सिंचाई विभाग को अंधेरे में रखकर सिंचाई विभाग के कालनेमी इंजीनियर आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हैं।

कोई एक्सटेंशन सिंचाई विभाग से नहीं मिला फिर भी लक्षमी माता के आशीर्वाद से तनख्वाह और बाकी सभी सहूलियत MDDA से मिल रही है, भले ही MDDA को राजस्व का नुक्सान होता रहे इसकी और इसके गाडफादर की जेबें तो भर रही हैं ….


विजिलेंस विभाग यदि इस कालनेमी कुबेर इंजीनियर की चल अचल संपत्ति की गहनता से जांच करे तो खरबों के राजस्व की प्राप्ति होगी

